क़ु’रान का क’रिश्मा : मात्र 6 साल की उम्र में युसूफ ने किया कु’रआन हिफ़्ज़, स’रकार ने दिया ईनाम

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मु’स्लिम ध’र्म मे प’वित्र कि’ताब कु’रआ’न शरी’फ को माना जाता है। इस किताब में चुनिंदा न’बियों के बारे में और दुनिया की स’च्चाई बताई गई है। बता दे, मु’स्लिम ध’र्म को मानने वाले सभी लोग अपने बच्चों को इस आसमानी किताब की शिक्षा दिलाते है । ‘क़ु’रआन श’रीफ सभी मु’स्लिमों को पढ़ना अ’नि’वार्य होता है । जब ब’च्चा समझदार हो जाए तो उसे इस पाक कि’ताब का दर्स दिया जाता है ।

कुछ बच्चें इस पाक किताब क़ु’रआ’न’ श’री’फ को हि’फ़्ज़ भी करते है । जो बच्चे क़ु’र’आन शरी’फ के 30 पारो को हि;फ़्ज़ करते है तो वह रम;ज़ान पा;क के महीने में इसकी तिला;वत करते है और म;स्जि;दों में सभी मु;स्लि;मों को ईशा की न;माज के बाद सुनाते है , जिसे त;रावीह भी कहते है । इस पाक किताब को 6 साल के एक लड़के ने पूरी याद की है। जिसे मु;स्लि;म ध;र्म मे हि;फ़्ज़ कहा जाता है।

बता दे कि मालदीव के रहने वाले यूसुफ जिनकी उम्र सिर्फ 6 साल है। उन्होंने पूरी मु;स्लि;म दुनिया को करि;श्मा कर दिखाया है। इतनी कम उम्र में यूसुफ ने इसको पूरा याद कर बताया है। युसुफ़ बिन मजिन ने मात्र 6 साल की उम्र में 604 पृष्ठों में पूरी किताब को याद किया। दुनिया के हजारों मु;स्लिम इस कि;ताब को रोजाना पड़ते है। इस किताब को याद करने में सक्षम भी हैं।

बता दे कि मालदीव के इ;स्लामि;क मामलों के मंत्री डॉ अहमद जहीर अली ने इस उपलब्धि पर यूसुफ की सराहना की हैं। उन्होंने मालदीव में इ;स्लामिक मंत्रालय के मुख्यालय में एक बैठक के लिए, माता पिता के साथ यूसुफ की भी मेजबानी की है। यूसुफ की ;स;राहना भी की हैं। जहीर ने यूसु;फ को उपहार भी भेंट किया हैं। यूसु;फ को कुरा;न की समिति के लिए केंद्र के सामने कु;रान सु;नाने के लिए निर्धारित किया है।

आपको बता दे, बीते दिनों कु’रआन शरी’फ को न्याय के लिए हॉ’वर्ड युनि’वेर्सिटी ने सर्वश्रेष्ठ किताब बताया था। हॉवर्ड युनिवेर्सिटी ने कु रा न श रीफ की सू’रह नि’सा का जिक्र करते हुए कहा कि इं साफ करने के लिए कुर’आन की इस आ यत को पढ़ना चाहिए और इसे हर जगह लागु करना चाहिए।

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