नमाज के बाद इस बात पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा कि मामला supreme court पहुंचा होगी इस दिन सुनवाई

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जैसा कि आप सभी जानते हैं देश में बात करो ना संक्रमण को लेकर के अभी तक तो आजान की पाबंदी थी बता रहा था कि अजान से डिस्टर्ब होता है बहुत सारे लोगों को कोरोना फैलता है लेकिन अजान के बाद एक और चीज़ पर पाबंदी लगाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में खासकर डाली गई है अर्जी

और सुप्रीम कॉर्ट इस पर जल्द सुनवाई करने वाला है थोड़ा विस्तार से बताते हैं कि क्या है मामला पूरा और किन चीजों पाबंदी लगाने को लेकर के सुप्रीम कोर्ट में मामला पहुंचा हैं

दोस्तों मुंबई की एक सख्स ने कोरोना से जो लोग हमारे बीच नहीं रहे हैं उन्हें अपने घर के सामने कब्रिस्तान में दफनाने का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है

खबरें आयी है कि जमीयत उलमा ए हिंद ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में खुद को एक पक्षकार बनाने की मांग भी की गई है दरअसल यह पूरा मामला है वह मुंबई अनिवासी प्रदीप भारी बांद्रा पश्चिम में स्थित कब्रिस्तान गुड़ हमारी जो लोग जिनकी केजरीवाल की जीत हुई है उनको घबराने की सलाह बॉम्बे हाइकोर्ट में याचिका डाली लेकिन वहाँ पर उनकी आवाज़ का जो है हारिज कर दी गई थी थी यह उसके बाद लाभ ऊपरी और मुखर गए हैं सुप्रीम कोर्ट पहुँच गए और उनकी मांग है कि कंपनी समय जिनमें भी कुणाल से पेशेवर जो केयों दिल्ली

केजरीवाल जीत होती है उन गुना धन दिया जाए बजाए उसके उनको अलग क्लासेज संस्करण का किया जाए हालाँकि जरूर रखें ये सात कहा जाता है कि जीतने भी लोगों यानी की जो चीनी वायरस की वजह से ऐडवरटीजट भी होती हैं उनके अंदर जब हमारे बीच नहीं रहे है तब ही फायदा नहीं रहता है लेकिन उसके बावजूद कोई लगातार कभी अजान विवाद खड़ा किया जाता है

कभी और नमक विवा किया जाता है और आप को बाहर ही हो गयी आप जो है कब्रिस्तान में लोगों को दफनाने को लेकर कोई भी नया वादा शुरू हो गया है बता दें कि बॉम्बे हाइकोर्ट ने जो प्रदीप जारी है उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में जब यात्रा लगाई थी तुम हाईकोर्ट में याचिका खारिज कर दी इसके बाद उन्होंने मामले को लेकर गए और मुंबई हाईकोर्ट

के अलावा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया उनकी याचिका पर जस्टिस आर एंड आर नरीमन और इंदिरा बेनर्जी के बीच चार मई को सुनवाई करने वाली है जिन्हें जमीन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका अगर खुद को पक्षकार बनाने की मांग करते हुए कहा है कि संक्रमित व्यक्ति के शव को दफनाने संक्रमण फैलने का कोई भी खत्रा अभी तक नहीं हुआ ना ना तो ऐसा कोई मामला सामने आया है और इच्छा

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