ब्रेकिंग ! मोदी जी के गढ़ में एक और चुनाव हारी बीजेपी ABVP

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तो चल्ये शुरू करते है आपको आज बताने वाला हूँ कि मोदी जी के घर में का संसदीय क्षेत्र आता है जिसका नाम आपलोगों ने सुना होगा बनारस क्रिया मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जो है

भारतीय जनता पार्टी और एबीवीपी ने एक और चुनाव अपने हाथ से गंवा दिया है ये कौन सा चुनाव है और इसमें कितनी सीटों पर जो है यहाँ पर कौन कितनी सीट से जीता इसकी पूरी जानकारी दूंगा

लेकिन उससे पहले आपसे इसके अलावा अगर आपको भी लगता है हमारे देश में आने वाले सभी चुनाव ईवीएम से न कराकर बैलेट पेपर से होना चाहिए तो प्लीज़ इस पोस्ट को लाइक जरूर कर दीजिये

दोस्तों कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी की विंग एबीवीपी खासकर कांग्रेस का एनयूएसआई है ठीक है तो इन दोनों के बीच में आपको बता दूं कि हमेशा हर जगह लोगों ने देखा होगा

जब चुनाव होते हैं तो काफी ज्यादा कड़ा मुकाबला देखने को मिला लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी जहाँ से सांसद हों वहाँ पर बीजेपी और एबीवीपी चुनाव हार जाए

तो आप समझ सकते हैं कितना बड़ा झटका है ये बीजेपी के लिए चलिए कर बिना बात को ज्यादा खिंचे हुए मैं आपको बता देता हूँ कि आखिरकार चुनाव कहाँ हुआ है और किस चीज का हुआ और किसको कितनी सीटें मिली हैं

लेकिन ये बता तू कांग्रेस पार्टी यहाँ पर कांग्रेस पार्टी की जो अभिनय है जिसका आम एनयूएसआई है वह जीती हैं ठीक हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र वाराणसी स्थित सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी है

उसमें छात्रसंघ के चुनाव हुए हैं चुनाव में कांग्रेस के छात्रसंगठन एनएसयूआई ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जीतने भी स्थिती पूरी जीत ली है

अब मै बताता हू आपको की कितनी सीटें हैं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी कि एबीवीपी को मात देते हुए एनएसयूआई यानी कि हम सीधे बात कर लेते है

बीजेपी को मात देते हुए कांग्रेस पार्टी के छात्र एनएसयूआई ने छात्रसंघ की सभी चारों सीटों का चुनाव जीत लिया है

यहाँ पर मैं आपको बता दूं कि यहाँ पर चार सीटों पर चुनाव हुआ था और चारों की चारों सीटें यहाँ पर जो है बीजेपी के हाथ से निकल गई है एबीवीपी के हाथों से निकल गई है और मैं एक एक करके बता देता हूँ कौन सा कंडीडेट यहाँ पर जीता हूँ कितने वोटों से जीता है

देखिये अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के शिवम शुक्ला ने एबी पी के हर्षित पांडे से दोगुना से भी ज्यादा उठाकर उन्हें करारी शिकस्त दी है

उपाध्यक्ष पद पर चन्दन कुमार मिश्र महामंत्री पद पर अवनीश कुमार मिश्रा और पुस्तकालय मंत्री पर रजनीकांत दुबे ने चुनाव जीत लिया है

अध्यक्ष अशविन शुक्ल मैं आपको बता दूं तो वह का आंकड़ा आदेश पर शिवम शुक्ला सात 709 सौ नौ वोट मिले उनको

निर्वाचित हुए अध्यक्ष पद के लिए लेकिन हर्सित पांडेय को सिर्फ 224 दो सौ चौबीस वोट मिले यानी की मोदी जी के घर जिसका माना जाता है वाराणसी

वहाँ पर एबीवीपी का ये हाल है ठीक है जबकि सौरभ पांडे को मात्र 40 चालीस मत मिले वहीं चंदन कुमार मिश्रा जोकी कांग्रेस पार्टी के निर्णय व्यवसायी से हैं उन्होंने 553 पांच सौ तिरपन मत लेकर उपाध्यक्ष पद पर विजय प्राप्त की

अजीत हासिल की महामंत्री पद के लिए चार सौ सत्तासी मत प्राप्त करके अवनीश कुमार निर्वाचित हुए जबकि उनके प्रतिद्वंदी गौरो दुबे को सिर्फ चार सौ चौबीस मत मिले पुस्तकालय मंत्री पद के लिए रजनी कांत दुबे 507 पांच सौ सात मत लेके निर्वाचित हुए

उनके जो कंटेस्टेंट के सामने चुनाव लड़ रहे थे अजय कुमार मिश्र को चार सौ बयासी आशुतोष उपाध्याय को 277 दो सौ सत्तर वोट मिले शिवओम कि 106 एक सौ छै

अपरन तिवारी को सिर्फ 21 वोट मिले हैं तो यहाँ पर बताये जा रहा है कि दोपहर बारह बजे तक के मतदान में तेजी पकड़ी है लेकिन फिफ्टी परसेंट 50.82 फीसदी वोटिंग हो सकी है

और आप सभी को पता है यह वोटिंग हुई थी लेकिन उसके बाद 1950 वोट पड़े जिनमें से ज्यादा से ज्यादा वोट कांग्रेस पार्टी को मिले यहाँ पर जो है हासिल करते हैं चार जो सीखे जहाँ पर चुनाव हुए हैं चारों की चारों सीटें अपने खाते में कर लिया है

हम एबीवीपी का नाम इसलिए ले रहे हैं जेएनयू जिस त तरह का आप लोगों को पता होगा मसला भी चल रहा है वहाँ से भी फेमस हुआ मान है जो आप समझ सकते हैं कांग्रेस पार्टी का जो एक विंग है

जो एक छात्र संख्या है जिसका नाम एनएसयूआई बताया जाता है उसने यहाँ पर जीत हासिल की है आप समझ सकते हैं मोदी के संसदीय क्षेत्र में इस तरह के चुनाव

एबीवीपी का हार ना कितना बड़ा झटका हो सकता है एबीपी के लिए खासकरके आप सभी को पता लगातार मोदी सरकार हो या फिर बीजेपी हो या फिर एबीवीपी हो हर जगह चुनाव हरती चली गई है

इससे पहले आप लोगों ने देखा होगा तमिलनाडु से झारखंड से लगा मामला झारखंड के बाद तमिलनाडू तमिलनाडू के बाद आप देख लीजिये

महाराष्ट्र में छत्तीस छत्तीसगढ़ के बाद आप लोगों ने देखा होगा कि अब ये जो वाराणसी से वहा का भी जो यूनिवर्सिटी है संपूर्णानंद संस्कृत यूनिवर्सिटी वहा का भी चुनाव कहीं न कहीं एबीवीपी और बीजेपी हार गई है इसके बारे में कुछ कहना चाहते है पोस्ट के कॉमेंट में जरूर बताएं है और इस पोस्ट को लाइक और शेयर जरूर करें धनेवआद

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