ब्रेकिंग न्यूज! CAA और NRC के ख़िलाफ बीजेपी NDA में पड़ी फूट ! एक और पार्टी ने CAA पर छोड़ा बीजेपी का साथ

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दोस्तों आज हमारे देश में नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को लेकर लगातार प्रोटेस्ट जारी है आप लोगों ने देखा होगा जब से नागरिकता संशोधन बिल ने कानून का रूप लिया है

तब से लगातार लोग इस कानून के ख़िलाफ़ जो है विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लोगों का यह मानना है कि इस कानून में धर्म के नाम पर डिस्क्रिमिनेशन हो रहा है साथ ही साथ ही कानून संविधान के ख़िलाफ़ है

वहीं दूसरी तरफ सरकार इस कानून को लेकर के लोगों को समझाने में जुटी है ये कानून नागरिकता देने का नागरिकता लेने का नहीं है लेकिन उसके बावजूद भी लोग इस कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं

लेकिन बीजेपी सरकार जो केंद्र में हुए इस कानून को लेने वापस लेने के मूड में अभी नहीं दिख रही है लेकिन कई ऐसे बीजेपी के अपने घटक दल हैं जिन्होंने अब हल्लाबोल करना शुरू कर दिया है

खासकर के नागरिक का संशोधन कानून के ख़िलाफ़ इससे पहले भी आप लोगों ने देखा होगा कई ऐसे एनडीए यानी की बीजेपी के सहयोगी दल हैं

जिन्होंने नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ आवाज उठाई थी लेकिन एक और बड़ा दल जो कि बीजेपी का सहयोगी है

और एनडीए में शामिल हैं उसने भी नागरिकता संशोधन कानून के मुखालिफत यानी की वह विरोध जताते हुए एक बड़ी मांग करदी है

केंद्र सरकार से क्या मांग को है और कौन सा दल है हम आपको आगे बताएंगे लेकिन उससे पहले आप भी अगर चाहते हैं कि नागरिकता संशोधन कानून पर सरकार को विचार करके इस कानून को वापस लेना चाहिए तो इस पोस्ट को लाइक करके शेयर जरूर कर दीजिए

दोस्तों पंजाब विधानसभा में कुछ दिन पहले यानी कि शुक्रवार को आप सभी को पता होगा पंजाब सरकार एक प्रस्ताव लाई थी जो कि नागरिकता संशोधन कानून के ख़िलाफ़ था और ये प्रस्ताव अच्छे खासे मतों के साथ पंजाब विधानसभा में पास हो गया

लेकिन अब मैं आपको बता दूं कि अकाली दल की तरफ से डैमेज कंट्रोल की प्रक्रिया शुरू हो गई है अकाली दल ने केंद्र सरकार से एक बड़ी मांग करते हुए

एक बड़ा बयान दिया है अकाली दल की ओर से कहा गया है और मांग उठाई गई है कि केंद्र सरकार जो यह नागरिकता संशोधन कानून है इसके अंदर मुसलमान को शामिल करें

और अगर वे शामिल नहीं करती है तो हम इसका विरोध करते हैं अकाली दल जोकि पंजाब का अपना एक दल हैं और खासकरके आप लोगों को पता होगा कि विधानसभा में 14 उसके विधायक है

उन्होंने मांग कर दी है और केंद्र सरकार से कहा है कि मुसलमानो को इस कानून के अंदर शामिल किया जाना चाहिए तो आप समझ सकते हैं कि लगातार खुद एनडीए के दल अपने एक एक करके बीजेपी के ख़िलाफ़ होते जा रहे हैं

इस विशेष पर आप क्या कहना चाहते है पोस्ट के कमेंट में बताएं और इस पोस्ट को शेयर करें और लाइक करें